Bewafa Shayari In Hindi, Bewafai SMS | Best Bewafa Shayari 2020

बेवफा शायरी – Bewafa Shayari in Hindi 2020 | Dard Bhari Shayari

 
Bewafa Shayari in Hindi
Bewafa Shayari in Hindi
Bewafa Shayari – एक प्यार ही ऐसी चीज है जहां नाराजगी किसी और से होती है और तकलीफ हम खुद को देते हैं। हमारी जिंदगी में एक बार तो ऐसा होता ही है जब हम जिसे सबसे ज्यादा प्यार करते हैं वह हमसे किसी कारण जुदा होता है। हमें जिंदगी की राह में अकेला छोड़कर चला जाता है। 
 
तब हम अपनी किस्मत की लकीरों पर भी भरोसा करना छोड़ देते हैं सोचते हैं कि इंसान बदल जाते हैं तो किस्मत क्या चीज है। उसकी यादें इस तरह दिल पर जख्म देती है कि मुस्कुराना भी भूल जाते हैं। इस दर्द भरे समय में अपने दर्द को कम करने के लिए ओर अपने व्हाट्सएप स्टेटस के लिए इंटरनेट पर अलग-अलग तरह की dard bhari Shayari खोजते हैं। इसीलिए आज हम आपके लिए सबसे अलग दर्द भरी शायरी का संग्रह लेकर आए हैं।

Latest Dard Bhari Bewafa Shayari in Hindi

 

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले,
दोस्त वो क्या समझेगा एक सितारे कि
कमी को।

New Hindi Dard Bhari Bewafa Shayari video

क्या अजीब सी ज़िद है
हम दोनों की,
तेरी मर्ज़ी हमसे जुदा होने की
और मेरी तेरे पीछे तबाह होने की।

Bewafa Shayari
Bewafa Shayari
 
 

रफ़्तार कुछ इस कदर तेज़
है जिन्दगी की कि सुबह का दर्द
शाम को पुराना हो जाता है।

टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने
मार दिया वरना ख़ुशी खुद हमसे
मुस्कुराना सिखने आया करती थी।

Bewafa Shayari In Hindi
Bewafa Shayari In Hindi

 

मैंने भी किसी से प्यार क्या था,
उनकी रहो में इंतजार किया था,
हमें क्या पता वो भूल ज्यांगे हमें,
कसूर उनका नहीं मेरा ही था,
जो एक बेवफा से प्यार किया था।

तुम लोग तो बस अल्फाजो को
पढ़ लेते हो,कभी सोचा कितना दर्द
बड़ा होगा तब ये अलफ़ाज़ कलम
तक आये होंगे।

Bewafa Shayari In Hindi
Bewafa Shayari In Hindi
 

नाराज़गी हमसे हैं और तकलीफ़
ख़ुद को देना ग़लत बात हैं।

छोड़ दिया हमने तो यारों किस्मत की
लकीरों पे भरोसा करना,जब लोग
बदल सकते हैं,तो किस्मत क्या चीज़ है।

Dard Bhari Bewafa Shayari

Dard Bhari Bewafa Shayari
Dard Bhari Bewafa Shayari

 

मेरी मोहब्बातें भी अजीब थी,
मेरा फैज़ भी था कमाल पर,
कभी सब कुछ मिला बिना तलब के,
तो कभी कुछ ना मिला सवाल पर।

दिल मैं आया था कोई,
जल्दी मैं था
इसी लिए चला गाय।

Dard Bhari Bewafa Shayari
Dard Bhari Bewafa Shayari
 
 

ना हम रहे दिल लगाने के क़ाबिल,
ना दिल रहा घाम उठाने के क़ाबिल,
लगा उसकी यादों के जो ज़ख़्म दिल पर,
ना छोड़ा उस ने मुस्कुराने के क़ाबिल।

कागज़ पे हमने भी ज़िन्दगी लिख दी,
अश्क से सींच कर उनकी खुशी लिख दी,
दर्द जब हमने उबारा लफ्जों पे,
लोगों ने कहा वाह क्या गजल लिख दी।

Dard Bhari Bewafa Shayari
Dard Bhari Bewafa Shayari

 

जब वादा किया है तो निभाएंगे,
सूरज किरण बन कर छत पर आएंगे,
हम हैं तो जुदाई का ग़म कैसा,
तेरी हर सुबह को फूलों से सजाएंगे।

वो रात दर्द और सितम की रात होगी,
जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी,
उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,
कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी
कायनात होगी।

Dard Bhari Bewafa Shayari
Dard Bhari Bewafa Shayari
 

दर्द हैं दिल मैं पर इसका ऐहसास
नहीं होता, रोता हैं दिल जब वो पास
नहीं होता, बरबाद हो गए हम उनकी
मोहब्बत मै, और वो कहते हैं कि इस
तरह प्यार नहीं होता।

वो कितने बदल गये हे हालात की तरह,
जब भी मिले वो हमे मुलाकात की तरह,
हम भी क्या किसी के हुस्न का सौदा करते,
ये ज़िंदगी भी मिली हे तो खैरत की तरह।

Bewafa Shayari In Hindi For Girlfriend

Bewafa Shayari In Hindi For Girlfriend
Bewafa Shayari In Hindi For Girlfriend

 

बड रहा है दर्द गम उस को
भूला देने के बाद
याद उसकी ओर आई खत जला
देने के बाद।

ना मिलता गम तो बर्बादी के अफ़साने
कहाँ जाते, दुनिया अगर होती चमन तो
वीराने कहाँ जाते, चलो अच्छा हुआ
अपनों में कोई गैर तो निकला, सभी अगर
अपने होते तो बेगाने कहाँ जाते।

मैं रोज़ लफ़्ज़ों में बयान करता हूँ
अपना दर्द,और सब लोग सिर्फ़
वाह वाह कह कर चले जाते है।
उंगलिया आज भी इस सोच में गुम है
उसने कैसे नए हाथ को थामा होगा।

ना तस्वीर है तुम्हारी जो दीदार किया जाये,
ना तुम हो मेरे पास जो प्यार किया जाये,
ये कौन सा दर्द दिया है तुमने ऐ सनम,
ना कुछ कहा जाये ना तुम बिन रहा जाये।

मैं फ़ना हो गया अफ़सोस वो
बदला भी नहीं,
मेरी चाहतों से भी अच्छी रही
नफरत उसकी।
मेरे ना हो सको तो कुछ ऐसा कर दो,
मैं जैसा था मुझे फिर वैसा कर दो।
इन्सान अपनी मर्जी से खामोश नहीं
होता,किसी ने बहुत सताया हुआ होता है।
तेरे चेहरे को कभी भुला नहीं सकता,
तेरी यादों को भी दबा नहीं सकता,
आखिर में मेरी जान चली जायेगी,
मगर दिल में किसी और को बसा नहीं सकता।
हो गई थी दिल को कुछ उम्मीद सी तुमसे
खैर तुमने जो किया अच्छा किया।
इधर से आज वो गुज़रे तो
मुँह फेरे हुए गुज़रे,
अब उन से भी हमारी बे-कसी
देखी नहीं जाती।
जनाजा मेरा उठ रहा था,
फिर भी तकलीफ थी उसे आने में,
बेवफा घर में बैठी पूछ रही थी,
और कितनी देर है दफनाने।

कितनी अजीब बात है न,
तुम हर जगह हो कर भी कहीं नहीं हो।

इश्क मुहब्बत क्या है ?मुझे नही
मालूम,बस तुम्हारी याद आती है
सीधी सी बात है।
बड़ी आसानी से दिल लगाये जाते हैं,
पर बड़ मुश्किल से वादे निभाए जाते हैं,
ले जाती है मोहब्बत उन राहो पर,
जहा दिए नही दिल जलाए जाते हैं।
दर्द दे कर इश्क़ ने हमे रुला दिया,
जिस पर मरते थे उसने ही हमे
भुला दिया,हम तो उनकी यादों में ही
जी लेते थे मगर उन्होने तो यादों में ही
ज़हेर मिला दिया।

किस्मत पर एतबार किसको है,
मिल जाय ख़ुशी तो इंकार किसको है,
कुछ मेरी मजबूरियां हैं मेरी जान,
वरना जुदाई से प्यार किसको है।

हमने तो ऊमर गुज़ार दी तन्हाई में
सह लिए सित्तम तेरी जुदाई में
अब तो यह फ़रियाद है खुदा से
कोई और ना तड़पे तेरी बेवाफ़ाई मे।
जीतें है इस आस पर की एक दिन
तुम आओगे, मरते इसलिए नहीं क्युँकी
अकेले रह जाओगे।
नसीब अच्छे ना हो तो खूबसूरती का
कोई फायदा नही,दीलो के शहेनशाह
अकसर फकीर होते है।

तुम्हें अपना कहने की
तमन्ना थी दिल में,
मगर लबों तक आते आते
तुम ग़ैर हो गए।

पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,
दिल में क्या है वो बात नही समझती,
तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है,
पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती।
तुम्हारे बाद मेरा कौन बनेगा हमदर्द
मैंने अपने भी खो दिए
तुझे पाने की ज़िद में।
बैठे थे अपनी मस्ती में कि
अचानक तड़प उठे,
आ कर तुम्हारी याद ने
अच्छा नहीं किया।

वो तो दिवानी थी मुझे तन्हां छोड़ गई,
खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई,
दुख न सही गम इस बात का है,
आंखो से करके वादा होंठो से तोड़ गई।

तेरी मोहब्बत में गिरफ्तार हो गया,
ना जाने कियों तुम से प्यार हो गया,
कोई है दिल जो धड़कता है मेरे लिए,
उस धड़कन पे मैं निस्सार हो गया।
पाने से खोने का मज़ा कुछ और है
बंद आँखों से सोने का मज़ा कुछ और है
आँसू बने लफ़्ज़ और लफ़्ज़ बनी जुबा इस
ग़ज़ल में किसी के होने का मज़ा कुछ और है।
दुनियां बहुत मतलबी है,
साथ कोई क्यों देगा,
मुफ़्त का यहाँ कफन नही मिलता,
तो बिना गम के प्यार कौन देगा।

कोई दिखा कर रोये,
कोई छुपा कर रोये,
हमें रुलाने वाले हमें रुला कर रोये,
मरने का मज़ा तो तभी है यारो
जब कातिल भी जनाज़े पर आकर रोये।

जिंदगी निकलती जाती है और
हम सब प्यार के बिना जीना सीख लेता है।
घुटन सी होने लगी है,इश्क़ जताते हुए
अब मान भी जाओ जान,
मैं खुद से रूठ गया हूँ,
तुम्हे मनाते हुए।
नहीं मिलती पनाह कहीं भी
जब मोहब्बत बेपनाह हो जाए।

निकलते है तेरे आशिया के आगे से,
सोचते है की तेरा दीदार हो जायेगा,
खिड़की से तेरी सूरत न सही तेरा
साया तो नजर आएगा।

मेरी फितरत में नहीं अपना गम
बयां करना, अगर तेरे वजूद का
हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी।
जाने क्यूँ लोग हमें आज़माते है,
कुछ पल साथ रह कर भी दूर चले
जाते है,सच्च ही कहा है कहने वाले ने
सागर के मिलने के बाद लोग बारिश को
भूल जाते है।
छोटी सी ज़िन्दगी में अरमान बहुत थे,
हमदर्द कोई न था इंसान बहुत थे,
हम अपना दर्द बताते भी तो किसे बताते,
इस दिल का हाल जानने वाले अनजान
बहुत थे।

लोग कहते हैं किसी एक के चले
जाने से जिन्दगी अधूरी नहीं होती,
लेकिन लाखों के मिल जाने से उस
एक की कमी पूरी नहीं होती है।

हर पल साथ देने का वादा करते हैं तुझसे,
क्यों अपनापन इतना ज्यादा है तुझसे,
कभी ये मत सोचना भूल जायेंगे तुझे हम,
हर पल साथ निभाने का वादा है तुझसे।
वो मुस्कान थी,कहीं खो गयी,
और मैं जज्बात था कहीं बिखर गया।
ज़िंदगी  तस्वीर भी ओर तक़दीर भी हैं
फराक तो बस रंगो का हैं
मानचाहे रंगो से बने तो तस्वीर
ओर आंजने रंगो से बने तो तक़दीर।

बदल गई सारी दुनिया बस
एक तुम नही बदले हो,
कल भी दर्द दिया करते थे
आज भी दर्द देते हो।

नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न
मिली,ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न
मिली,तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता
देखा,एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न
मिली।
मुझको छोड़ने की वजह तो बता देते,
मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हजारों थे।
मत पूछ की किस तरह चल
रही है ज़िंदगी,
उस दौर से गुज़र रही हु
जो गुज़रता ही नहीं।

मुझे खामोश देखकर इतना
हैरान क्यूँ होते हो ऐ दोस्तो,
कुछ नहीं हुआ है बस भरोसा
करके धोखा खाया है।

हर घड़ी सोचते हैं भलाई तेरी,
सुन नहीं सकते हैं बुराई तेरी,
हँसते हँसते रो पड़ती हैं आँखें मेरी,
इस तरह से सहते हैं जुदाई तेरी।
एक दिन जब हम दुनिया से चले
जायेंगे,मत सोचना आपको भूल
जायेंगे, बस एक बार आसमान की
तरफ देख लेना,मेरे आँसू बारिश बनके
बरस आयेंगे।
देखा है जिदंगी में हमने ये आज़मा के
देते है यार धोख़ा दिल के करीब ला के।

कल रात को खोल कर देखी
यादो की किताब,
रो पड़े की क्या क्या खोया है
हमने ऐ ज़िंदगी।

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत,
ये आखरी गलती जरा सोच
समझकर करना।
एक तुम मिल जाते बस इतना काफ़ी था,
सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।
बहुत नाकाम शख्स हूं मैं,
पहले तुझे पाने में नाकाम रहा ,
फिर तुझे भुलाने में।

जीने के लिये सोचा ही नहीं की
दर्द संभालने होंगे,
मुस्कुराये तो मुस्कुराने के
क़र्ज़ उतारने  होंगे।

ये बात और है के तक़दीर
लिपट के रोई वरना,
बाज़ू तो हमनें तुम्हे देख
कर ही फैलाए थे।
वो करीब ही न आये तो
इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो
शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का
इंतजार क्या करते।
ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नही हूँ मैं,
हैरत से ना देख कोई मंज़र नही हूँ मैं,
उनकी नज़र में मेरी कदर कुछ भी नही,
मगर उनसे पूछो जिन्हें हासिल नही हूँ मैं।

हर वक़्त तुम्हारी गलती माफ़ नही
कर सकते हम हमारे अंदर भी दिल हे
दर्द हमे भी होता है।

कौन कहता है की आंसुओ में
वजन नहीं होता!
एक भी झलक जाता है तो,
मन हल्का हो जाता है।
कैसे करूँ मैं तुम्हारी यादों की गिनती,
कोई साँसों का हिसाब रखता है क्या ?
दिल किसी से तब ही लगाना,
जब दिलों को पढ़ना सीख लो,
वरना हर एक चेहरे की फितरत में,
ईमानदारी नहीं होती।

हम नादान थे जो उन्हें हमसफ़र
समझ बैठे, वो चलते थे मेरे साथ पर
किसी और की तलाश में।

Bewafa shayari sad in Hindi

शायर बनना बहुत आसान है
बस एक अधूरी मोहब्बत की
मुकम्मल डिग्री चाहिए।
 
वक़्त बदलता है हालात बदल जाते हैं,
ये सब देख कर जज़्बात बदल जाते हैं
ये कुछ नही बस वक़्त का तक़ाज़ा है दोस्तो,
कभी हम तो कभी आप बदल जाते हैं।
 
मेरी किस्मत भी देखो की किसीने 
वक्त गुजारने के लिए अपना बनाया,
तो किसीने अपना बनाकर 

वक्त गुजार लिया।

आशिकों की किस्मत में जुदा होना ही
लिखा होता है, सच्चा प्यार होता है तो
दिल को खोना ही लिखा होता है,
सब जानते हुए भी में भी प्यार उससे
कर बैठा, भूल गया के मोहब्बत में सिर्फ
रोना ही लिखा होता है।

तेरे गम को अपनी रूह में उतार लूँ,
जिन्दगी तेरी चाहत में सवार लूँ,
मुलाकात हो तुझ से कुछ इस तरह,
तमाम उमर बस इक मुलाकात में गुजार लूँ।

हर सितम सह कर कितने गम छिपाए हमने,
तेरी ख़ातिर हर दिन आँसू बहाए हमने,
तू छोड़ गया जहाँ हमें राहों में अकेला,
बस तेरे दिए ज़ख्म हर एक से छिपाए हमने।

कोई खुशियों की चाह में रोया,
कोई दुखों की पनाह में रोया,
अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का
कोई भरोसे के लिए रोया,
कोई भरोसा कर के रोया।

मेरी मौत के सबब आप बने,
इस दिल के रब आप बने,
पहले मिसाल थे वफ़ा की,
जाने यूँ बेवफ़ा कब आप बने।